इसी प्रकार शुक्रवार को चीनी विदेशमंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में क्षेत्र में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के युद्धक विमानों की उड़ान की ओर संकेत किया और घोषणा की है कि दोनों पक्षों को चाहिये कि वे धमकी वाली कार्यवाहियों से दूरी करें।
इसी प्रकार चीनी विदेशमंत्रालय की विज्ञप्ति में आया है कि कोरिया प्रायद्वीप में युद्ध से सबको भारी क्षति उठानी पड़ेगी और युद्ध किसी के पक्ष में नहीं है और सब को संयंम से काम लेना चाहिये।



















