2014 में स्पाइकर कॉलेज में दाइश के आतंकवादियों के हाथों मारे गए सभी रंगरूटों की आयु 20 साल से कम थी।
स्पाइकर नरसंहार के बाद से ही दाइश के इस ख़ूंख़ार आतंकवादी का नाम अइमन स्पाइकर पड़ गया था।
स्पाइकर नरसंहार इराक़ के वर्तमान इतिहास की सबसे दिल दहला देने वाली एवं हृद्य विदारक घटना है, जो दाइश के घिनौने अत्याचारों की एक मिसाल है।
अल-हलबूसी को फ़ल्लूजा के हलाबिसा इलाक़े से पकड़ा गया है।



















