सीरियाई युवा को पुरस्कार दिए जाने पर 20 वर्षीय मलाला युसुफ़ज़ई ने कहा कि सीरिया का भविष्य इन्हीं बच्चों के हाथ में है और उनका भविष्य उनकी शिक्षा से जुड़ा हुआ है।

पुरस्कार पाने के बाद मुहम्मद अलजुन्दी ने कहा कि जो लोग अपने यहां शरणार्थियों को आने से रोकना चाहते हैं मैं उनसे कहता हूं कि हमें आने में कोई रूचि नहीं है मगर जंग में एसा करने पर मजबूर कर देती है।


















