गौरतलब है कि कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सरकार में मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए एक समिति बनाई गई थी, जिसके अध्यक्ष नारायण राणे थे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने मराठा समाज को 16 प्रतिशत आरक्षण देने का अध्यादेश जारी किया था। बाद में इस पर कोर्ट ने स्थगन दे दिया था।
आर्थिक आधार पर दो आरक्षण: राज ठाकरे
पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि आरक्षण जाति आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए। राज ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करते थे। अब सत्ता में आए उन्हें चार साल हो गए, लेकिन अब तक आरक्षण नहीं दिया। आज की सरकार हो या पिछली सरकार दोनों जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही हैं।



















