जनरल सुलैमानी ने ईरान, इराक़, सीरिया, लेबनान, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के हज़ारों संघर्षकर्ताओं जिन्होंने हज़रत ज़ैनब के रौज़े की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया,

रणक्षेत्र के समस्त कमान्डरों की ओर से इस बड़ी और निर्णायक कामयाबी की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई, ईरानी राष्ट्र तथा इराक़ और सीरिया के पीड़ित राष्ट्रों और दुनिया के अन्य मुसलमानों को बधाई दी।


















