रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में प्रदूषण से मरने वाली 92% आबादी कम या मध्यम आय वाले मुल्कों से है. शोध के मुताबिक प्रदूषण के कारण ही इन मुल्कों की GDP वृद्धि दर में 2% की गिरावट दर्ज होती है.
कौन सा प्रदूषण सबसे घातक?
दुनिया में वायु प्रदूषण से सबसे ज़्यादा हालात ख़राब हैं. 90 लाख में से 65 लाख लोग अकेले दुनिया में प्रदूषित वायु के चलते अपनी जान गंवाते हैं. दूसरी तरफ प्रदूषित पानी भी लाखों की जान लेने के लिए जिम्मेदार है. साल में 2015 में 18 लाख लोगों ने पानी में प्रदूषण के चलते अपनी जान गंवाईं थी. भारत की बात करें तो हर 4 में से 1 मौत प्रदूषण के चलते होती है.
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