झेलम (पाकिस्तान)पाकिस्तान के प्रसिद्ध इस्लामी वक्ता और यूट्यूबर इंजीनियर अली मिर्ज़ा पर उनके ही संस्थान परिसर में हमला किए जाने की सनसनीखेज़ घटना सामने आई है। हमले में वह बाल-बाल बच गए, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब इंजीनियर अली मिर्ज़ा एक व्याख्यान सत्र के बाद बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान एक युवक उनके क़रीब पहुँचा और अचानक हाथापाई की कोशिश की। हमले के दौरान उनका सिर पर बंधा अमामा (पगड़ी) गिर गया, जिससे अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बीच-बचाव कर हालात को काबू में लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसके ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
शुरुआती जांच में व्यक्तिगत रंजिश और वैचारिक असहमति के पहलुओं पर भी पड़ताल की जा रही है।
मिर्ज़ा मुहम्मद अली इंजीनियर पर हुआ हमला निंदनीय और अफसोसनाक है।
विचारधारा और सांप्रदायिक मतभेदों का मतलब जानलेवा दुश्मनी नहीं है।
पिछले चालीस सालों में कट्टरपंथ और नफ़रत का जो माहौल बनाया गया है, वह इसी असहिष्णुता का सबूत है।
हमने पहले ही कहा था कि एक दिन हमारे लिए जो आग लगाई जा रही है, उससे कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
हम मिर्ज़ा मुहम्मद अली इंजीनियर पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं।
मौलाना हसन ज़फ़र नक़वी
सेंट्रल सेक्रेटरी जनरल, मजलिस वहदत मुस्लिमीन पाकिस्तान।
गौरतलब है कि इंजीनियर अली मिर्ज़ा पाकिस्तान में अपने तर्कपूर्ण इस्लामी भाषणों और फिरक़ावार मतभेदों पर खुलकर बोलने के लिए जाने जाते हैं। इसी कारण वे पहले भी कई बार विवादों और धमकियों के केंद्र में रहे हैं। हालिया हमला एक बार फिर पाकिस्तान में धार्मिक असहमति और वक्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद समर्थकों और शिष्यों में गहरी चिंता देखी गई, वहीं सोशल मीडिया पर भी इस हमले की कड़ी निंदा हो रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इंजीनियर अली मिर्ज़ा की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी



















