सीरियाई सरकार के अहम सहयोगी रूस और ईरान विपक्षी समर्थक तुर्की के साथ शुक्रवार (23 दिसंबर) को इस बात पर सहमत हुए कि 29 और 30 जनवरी को काला सागर के सोचि रिजॉर्ट में ‘‘कांग्रेस ऑफ नेशनल डायलॉग’ आयोजित किया जाए.
सीरियाई सरकार ने कहा कि वह इसमें शामिल होगी, लेकिन विद्रोहियों ने अपने कदम वापस खींच लिए. विद्रोहियों ने इसे जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली प्रक्रिया को रोकने की कोशिश बताया.
विद्रोहियों ने सोमवार (25 दिसंबर) को प्रकाशित एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘हम जिनेवा प्रक्रिया को नाकाम बनाने की रूस की कोशिश को पूरी तरह खारिज करते हैं. हम सभी ताकतों से इन चिंताजनक खतरों के खिलाफ खड़े होने का आह्वान करते हैं.’’ चालीस विद्रोही समूहों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं.















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