राष्ट्रीय अधिवेशन की चुनाव अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन के साथ शुरू हुई। सबसे पहले पार्टी के झंडा फहराया गया। इसके बाद पार्टी के शीर्ष नेता किरनमय नंदा सहित लगभग 25 प्रस्तावकों के समक्ष अखिलेश यादव ने नामांकन भरा। अधिवेशन में उनके अलावा एक भी नामांकन नहीं आया। इस पर सभी प्रस्तावकों ने उसका अनुमोदन किया।
उधर, इस घोषणा के बाद सभी अटकलों पर विराम लग गया। अंतिम समय तक अटकलें लगाई जा रही थी कि राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव कुछ अलग कर सकते हैं। यह भी माना जा रहा था कि मुलायम सिंह यादव को पार्टी फिर से यह पद दे सकती है। मगर अब अगले पांच साल के लिए अखिलेश यादव ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे। डॉ.
रामगोपाल ने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव और वर्ष 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


