इनमें से 50 उसी वक़्त बचकर भाग निकली थीं और पिछले साल अक्टूबर में रेड क्रॉस से बातचीत के बाद बोको हराम ने 21 लड़कियों को आज़ाद कर दिया था.
लागोस में संवाददाता स्टेफनी हेग्रेटी ने बताया कि इस ख़बर के आने के बाद चिबॉक में कई परिवार ख़ुश हैं. लेकिन अभी भी 100 से ज़्यादा लड़कियों चरमपंथियों के क़ब्ज़े में हैं.
पिछले महीने राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी ने कहा था कि सरकार बाक़ी बची हुई लड़कियों और अन्य अगवा व्यक्तियों को रिहा करने के लिए स्थानीय ख़ुफिया माध्यमों से वार्ता के ज़रिए उनके संपंर्क में है.
ज़्यादातर चिबॉक लड़कियां ईसाई हैं लेकिन क़ैद के दौरान उन्हें इस्लाम धर्म अपना कर अपरणकर्ताओं से शादी करने के लिए कहा गया था.
















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