लाहौर: पाकिस्तान के लाहौर शहर में रमजान के पवित्र महीने में एक प्रसिद्ध सूफी दरगाह के बाहर हुए शक्तिशाली विस्फोट में 5 पुलिसवालों समेत कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। यह विस्फोट पुलिस के एक वाहन को निशाना बनाकर किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाहौर की प्रसिद्ध दाता दरबार सूफी दरगाह में हुई इस घटना में 20 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस फिदायीन हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

पाकिस्तानी मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बचाव टीमें विस्फोट स्थल पर पहुंच गई हैं। यह विस्फोट दाता दरबार के गेट नंबर 2 पर हुआ, जहां पाकिस्तान पुलिस की एलीट फोर्स का एक वाहन खड़ा था। इस वाहन को ही निशाना बनाकर एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट किया। विस्फोट के बाद बचाव कार्य शुरू कर दिया गया और कई घायलों को मेयो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इसके साथ ही पंजाब पुलिस की टुकड़ियां विस्फोट स्थल पर पहुंच गई हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। घटना के बाद दरबार में जाने वाले लोगों को रोक दिया गया और वहां पहले से मौजूद लोगों को पिछले दरवाजे से बाहर निकाला गया। आपको बता दें कि दाता दरबार पूरे दक्षिणी एशिया के सबसे मशहूर सूफी दरगाहों में से एक है। इसका ताल्लुक 11वीं सदी से बताया जाता है। इससे पहले भी 2010 में यहां पर हमला हुआ था जिसमें कम से कम 50 लोग मारे गए थे और 200 से ज्यादा जख्मी हुए थे।
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की वेबसाइट के मुताबिक, दाता दरबार के गेट नंबर-2 के पास हुए विस्फोट के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और सुरक्षाबल के जवान मामले की जांच कर रहे हैं। धमाके के बाद सुरक्षाबल वहां एहतियात बरत रहे हैं और इलाके की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई है। घटना की जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट को मौके पर बुलाया गया है।
जियो न्यूज ने बताया कि विस्फोट में तीन पुलिस अधिकारी शहीद हो गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विस्फोट में लगभग 20 लोग घायल हुए हैं। डीआईजी ऑपरेशंस लाहौर साइट पर पहुंच रहे हैं और पास के अस्पताल में भर्ती घायलों से भी मिलेंगे। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि पुलिस फ्लीट को विशेष रूप से टारगेट किया गया था। पंजाब प्रांत पुलिस विस्फोट स्थल पर पहुंच गई है।
दाता दरबार तीर्थस्थल लाहौर में एक प्रमुख आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक केंद्र है। 1980 के दशक में सैन्य तानाशाह जिया उल-हक के शासन में इस मंदिर का बहुत विस्तार हुआ था। उस समय यह मंदिर दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा बन गया था।
यह घटना पाकिस्तान के क्वेटा में 12 अप्रैल को हुए ब्लास्ट के एक माह के भीतर हुई है। हजारा समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में 14 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 25 से अधिक घायल हो गए थे।
















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


