निक्को पहली कंपनी है जिसने औद्योगिक एवं वित्तीय पुनर्गठन बोर्ड (बीआईएफआर) के खत्म होने के बाद राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का रुख किया है। कौल ने कहा कि एनसीएलटी के तहत निर्धारित 270 दिन पूरे हो चुके हैं और कल अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख दिया है। उन्होंने कहा कि नए पुनरोत्थान पैकेज के तहत प्रवर्तकों ने ब्याज पर कुछ राहत देने और उपयोग में नहीं कार्यालयी जगह की बिक्री से मिलने वाली राशि का कुछ हिस्सा अपने पास रखने के लिए कहा था ताकि दो संयंत्रों में परिचालन शुर किया जा सके। उल्लेखनीय है कि कार्यशील पूंजी के अभाव में 2015 से इन संयंत्रों में काम अस्थाई तौर पर काम बंद है।
Pages: 1 2
















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


