राज्य में कथित अवैध आप्रवासियों की पहचान के लिए एनआरसी का अभ्यास किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जिन्हें इससे बाहर रखा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री के तरुण गोगोई से पूछा कि पहले मसौदे में 1.5 लाख विदेशियों के नाम शामिल किए गए उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं? उन्होंने कहा, ‘यह साबित करता है कि प्रारंभिक चरण से एनआरसी ठीक से नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस बात की आशंका है कि वास्तविक भारतीय नागरिकों को अंतिम मसौदे से बाहर रखा जा सकता है। ऑल इंडियन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के महासचिव अमीनुल इस्लाम से पूछा, ‘यह कैसे संभव है कि 2015 में अभ्यास शुरू होने के बावजूद अभी भी त्रुटियां हैं।
















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