लखनऊ. अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले बीजेपी सांसद महंत आदित्यनाथ की हिंदू युवा वाहिनी ने विवादस्पद बयान देकर यूपी में बवाल पैदा कर दिया है। बुधवार को हिंदू युवा वाहिनी ने अलीगढ़ में बयान दिया था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) आतंक की नर्सरी है। इसके बाद से ही अलीगढ़ में जमकर बवाल हो रहा है।
इस बयान से भड़के एएमयू के सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए और जमकर बवाल काटा। वहीं, अन्य हिंदू संगठनों ने भी हिंदू युवा वाहिनी का समर्थन किया है।
इस बयान से नाराज एएमयू कुलपति समेत तीन लोगों ने हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह समेत उनके साथियों पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एएमयू कुलपति जमीरुद्दीन शाह ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि ऐसे सांप्रदायिक और भड़काऊ बयान आपस में घृणा फैलाते हैं। इससे माहौल भड़क सकता है।
एएमयू धर्मनिरपेक्ष संस्था है
एएमयू के प्रवक्ता राहत अबरार ने भी तहरीर दी है। तहरीर में कहा गया है कि एएमयू एक धर्मनिरपेक्ष संस्था है। उन्होंने हिंदी युवा वाहिनी के बयान को घृणित और साजिश के तहत दिया गया बयान बताया है। तहरीर में ये भी कहा गया है कि इस बयान से एएमयू से जुड़े लोगों की भावनाए आहत हुई हैं।
ओवैसी की पार्टी ने भी दी तहरीर
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी की अलीगढ़ यूनिट की ओर से भी तहरीर दी गई है। तहरीर में प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह के नाम के साथ आगरा मंडल प्रभारी संपूर्णानंद के नाम भी एफआईआर करने की बात लिखी गई है। हिंदू युवा वाहिनी को बैन करने की भी मांग की गई है।

एएमयू बंद होना चाहिए
हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह का कहना है कि जो भी कार्रवाई होगी उसके लिए मैं तैयार हूं। एएमयू के छात्र शुरू से ही आतंक का सपोर्ट करते आए हैं। फिर चाहे बात अजमल कसाब की हो या फिर याकूब मेमन की हो।
साध्वी प्राची ने कहा बंद हो मुस्लिम मदरसे और मुस्लिम यूनिवर्सिटी
साध्वी प्राची ने भी अब हिंदू युवा वाहिनी के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये सच है कि एएमयू और मदरसे देश में आतंक फैलाने का काम कर रहे हैं। ये सब देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में इसे बंद कर देना चाहिए। वहीं, सुनील सिंह के बयान से गुस्साए एएमयू छात्रों ने रोड पर मार्च करके हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों का पुतला भी फूंका।
Courtesy:bhaskar.com




















