दिनेश ने कहा कि आरुषि और हेमराज दोषी नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘खबरों में आरुषि और हेमराज के संबंधों की बात कही गई थी। इसमें आरुषि के माता-पिता तक को दोषी करार कर दिया गया। हेमराज को भी दोषी बताया गया। इस समय मैं यही कहना चाहता हूं कि इनमें से कोई भी दोषी नहीं है।’
उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में परिवार ने अपनी भावनाओं पर काबू रखा क्योंकि उन्हें सत्य की लड़ाई लड़नी थी। दिनेश ने कहा, ‘हम सबकुछ भूल गए थे और हमारा मकसद आरुषि के नाम को बेदाग साबित करना था। जिस दिन राजेश को दोषी करार दिया गया था, उस दिन उसने मुझसे कहा था कि मैं इस लड़ाई को अपनी अंतिम सांस तक जारी रखूंगा। उसने यह नहीं कहा था कि वह जेल से बाहर आना चाहता है। वह अपनी बेटी को बेदाग साबित करना चाहता था।’



















