इन तौलियों की कीमत साढ़े तीन रुपये के आसपास होगी. गौरतलब है कि रेलगाड़ियों के एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों की यह शिकायत रहती है कि यहां मिलने वाले तौलिए साफ नहीं होते और अगर साफ भी हो तो कैसे कोई तौलिया 50 बार इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी को लेकर अधिकतर रेल यात्रियों को इस बात का संशय रहता है कि कहीं इसके प्रयोग से उन्हें किसी प्रकार की त्वचा संबंधी बीमारी ना हो जाए.

ट्रेन में सफर करने वालों की एक लंबी फेहरिस्त है जो रेलवे से मिलने वाले तौलिए का इस्तेमाल ही नहीं करती है. एक तरफ ये तौलिए बिना इस्तेमाल किए रह जाते है तो वंही दूसरी तरफ इनके रखरखाव के लिए रेलवे को कीमत चुकानी पड़ती है. रेलवे मंत्रालय का ये फैसला इन तमाम दिक्कतों का समाधान माना जा रहा है.
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