लखनऊ : शहादत हमारा विरसा है हम शहीद क़ौम में पैदा हुए हैं | हम जानते हैं कि शहादत पर कितना दर्द होता है | आज 1400 साल हो चुके हैं हमे कर्बला के शहीदों पर रोते हुए फरियाद करते हुए और हमारे आंसू थमते नहीं मानो कल की ही बात हो | उस वक्त भी दो धर्म के लोग थे और आज भी दो धर्मों के लोग रहते हैं |
१- लश्करे हुसैनी अ0स0
२- ज़ालिम व जाबिर यानि यज़ीदी फ़ौज

1400 साल पहले इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदाने करबला ने शहादत नोश करके रहती दुनिया तक ईसार व कुर्बानी की वह मिसाल क़ाएम कर दी जिसकी कोई मिस्ल नहीं |
आह – पुलवामा के शहीद तुझ पर हमारे लाखों सलाम |
देश प्रेम की वह शमा रोशन कर दी जिस पर तुम्हें भारतीय होने पर गर्व है और हमें हिंदुस्तानी होने पर फ़क़्र हैं |
पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धाजंलि देने के लिए शीशमहल, लखनऊ में ख़्वातीन सानी ए जहरा कमेटी ने कैंडल मार्च निकल कर आतंकवादियोँ की कड़े शब्दों में निंदा की और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए |

कमेटी की सदस्य नसरीन बानो की ओर से आयोजित इस कैंडिल मार्च में बड़ी संख्या में मर्द ख़्वातीन व बच्चे भी शामिल थे | प्ले कार्ड में आतंकवादी हाय- हाय, आतंकवादी बाय-बाय, पाकिस्तान मुर्दाबाद , जैश ए मुहम्मद को फांसी दो , इंडियन आर्मी ज़िंदाबाद इत्यादि की तख्तियां हाथ में लिए हुवे थे |

शीश महल पत्थर वाली मस्जिद के पास बड़ी संख्या में लोग मौजूद हुवे देखते ही देखते जन आक्रोश का सैलाब उमड़ पढ़ा | विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मौजूद लोग कैंडिल मार्च करते हुवे छोटे इमामबाड़े पर पहुचे वहां पर मोहतरमा कहकशा फ़ातिमा ने सभा को सम्बोधित किया |
कमेटी की अध्यक्छ सालेहा रिज़वी ने कहा – पूरा देश पुलवामा के शहीदों के साथ है हम सब आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए मोदी सरकार से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर कर रहें हैं ।



















