शीर्ष अदालत ने छह फरवरी को केंद्र सरकार से कहा था कि सौ करोड़ से अधिक मौजूदा टेलीफोन उपभोक्ताओं और भावी मोबाइल फोन उपभोक्ताओं की पहचान संबंधी विवरण की जांच की प्रभावी व्यवस्था एक साल के भीतर तैयार की जाए. शीर्ष अदालत ने लोक नीति फाउंडेशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये आशा व्यक्त की थी कि यह प्रक्रिया निकट भविष्य में और यह साल पूरा होने से पहले ही पूरी हो जाएगी.



















