वहीं पति का आरोप है कि जिस पादरी ने पहले उसकी पत्नी का शोषण किया, वह उसे ब्लैकमेल करता था. जब उसने दूसरे पादरी से मदद मांगी, तो उसने भी धमकी दी और उसका नंबर एक अन्य पादरी को दे दिया. यह सिलसिला पांच पादरियों पर जाकर रुका.
ऑर्थडॉक्स चर्च इस पूरे घटनाक्रम को हैरान करने वाला बता रहा है. वहीं इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब आलोचना हो रही है. उधर उमेन कहते हैं, ‘हम बड़े पैमाने पर प्रचारित इस घटना को लेकर निश्चित रूप से चिंतित हैं और हमें संदेह है कि सोशल मीडिया में हमारे चर्च को बदनाम करने की कोशिश हो रही है.’ इस बीच बताते चले कि पीड़िता ने अभी तक पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज नहीं कराई है.



















