लखनऊ, 3 अगस्त | ( सालेहा रिज़वी ) इन्ना लिल्लाहे वा इन्ना इलेह ए राजेऊन :- बेहद अफ़सोस के साथ ये इत्तेला दी जाती है कि ख़ानदान ए इज्तिहाद, की बुज़ुर्ग शख्सियत जनाब मुस्लिम अख़्तर नक़वी साहब का आज एरा हॉस्पिटल में इंतेक़ाल हो गया | मुस्लिम अख्तर साहब खानदान ए इज्तेहाद की बुज़ुर्ग तरीन शख्सियत थे और सयैद दिलदार अली ग़ुफ़रानमाब के बड़े बेटे जनाब सयैद मोहम्मद साहब की नस्ल से थे | ख़ुश मिज़ाज, हमदर्द और नेक दिल, शरीफ-उन नफ़्स इंसान थे | जनाब मुस्लिम अख़्तर नक़वी साहब के 2 बेटे और 2 बेटिया हैं |

लखनऊ आज एक फिर सोगवार हुआ | जनाब मुस्लिम अख़्तर नक़वी साहब इब्ने हसन अख़्तर “हदफ़” इज्तेहादि का 83 साल की उम्र में तवील बीमारी के बाद आज सुबह इन्तिक़ाल हो गया | जनाब मुस्लिम अख़्तर नक़वी साहब के इंतेक़ाल की ख़बर से बड़ी तादाद में मोमेनीन हॉस्पिटल पहुंचे और उनके जनाज़े को एरा हॉस्पिटल से घर लाये और बाद नमाज़ ए ज़ोहर 4 बजे ग़ुफ़रानमाब में उन्हें सुपुर्द ए ख़ाक किया जाएगा |
ग़ौरतलब बात ये है कि कई रोज़ से एरा हॉस्पिटल में एडमिट थे | उनकी सेहत ओ सलामती के लिए हर तरफ़ दुआ हो रही थी | आख़िर कार आज सुबह जनाब मुस्लिम अख़्तर नक़वी साहब घर वालों को रोता बिलकता छोड़ कर मालिक ए हक़ीक़ी से जा मिले |
मरहूम मौलाना कल्बे हुसैन क़िब्ला मरहूम के दामाद, सय्यद हुसैन अफ़सर साहेब (एडिटर आग ) के ससुर, डॉक्टर मौलाना कल्बे सादिक़ साहेब के बहनोई, मौलाना कल्बे जवाद के फूफा, उर्फी भाई (जर्नलिस्ट) अर्शी भाई और रिज़वाना हुसैन साहिबा के वालिद, और युसरा हुसैन ( टाइम्स ऑफ इंडिया ) के नाना थे |
सूरह फ़ातिहा और नमाज़ ए वहशत ए क़ब्र की गुज़ारिश है – जनाब मुस्लिम अख़्तर नक़वी साहब इब्ने हसन अख़्तर “हदफ़” इज्तेहादि
















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