नई दिल्ली। बुधवार को आहूत एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में मजदूर संगठनों के साथ ही वामपंथी दलों और कांग्रेस समर्थकों ने देशभर में प्रदर्शन किया।

-पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा- CPIM की कोई विचारधारा नहीं है। रेलवे पटरियों पर बम लगाना ‘गुंडागर्दी’ है। आंदोलन के नाम पर यात्रियों की पिटाई की जा रही है और पथराव किया जा रहा है। यह ‘दादागिरी’ है, आंदोलन नहीं। मैं इसकी निंदा करती हूं।
-बंद का देश की वित्तीय राजधानी मुंबई की परिवहन सेवाओं पर कोई असर नहीं दिखा। मुम्बई की ‘जीवन-रेखा’ कही जाने वाली उपनगरीय ट्रेनें, बसें, ऑटो-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहन सामान्य रूप से चल रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मामूली विलंब के अलावा तीन लाइनों पर उपनगरीय ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं।
-बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के एक अधिकारी ने बताया कि बसें निर्धारित समय के तहत चल रही हैं। बेस्ट की बसें मुंबई, उसकी विस्तारित उपनगरों और नवी मुंबई में चलती हैं।
Nearly 25 crore people will be on strike today to oppose the anti-people policies of the BJP govt.
The economy is in free fall, unemployment is rampant, the country is burning & the BJP is completely clueless. #BharatBandh2020https://t.co/abbsjRA7tM
— Congress (@INCIndia) January 8, 2020
-पश्चिम बंगाल के बर्धवान में टीएमसी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प।
-पंजाब के अमृतसर में ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक जाम कर वहां प्रदर्शन किया।
-बैंकिंग सेवाओं पर बंद का सबसे ज्यादा असर पड़ा।
-ट्रेड यूनियनों ने किया है भारत बंद का आह्वान। केंद्रीय यूनियनों में एटक, इंटक, सीटू, एआईसीसीटीयू, सेवा, एलपीएफ समेत अन्य शामिल हैं।
In Delhi even rains will not impact on the movement as workers’ processions will be taken out in industrial areas of the state; and as planned, workers will assemble at the ITO and take out a procession.https://t.co/jZNey34c53
— The Wire (@thewire_in) January 8, 2020
-यूनियनों का कहना है- हम महंगाई, सार्वजनिक कंपनियों की बिक्री, रेलवे, रक्षा, कोयला समेत अन्य क्षेत्रों में 100 प्रतिशत एफडीआई और 44 श्रम कानूनों को संहिताबद्ध करने (श्रम संहिता) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
-पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक बंद कर दिया, जबकि सिलीगुड़ी में उत्तर बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के बस ड्राइवरों ने हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाई।
#BharatBandh | West Bengal: Protesters block a railway track in Howrah.
Ten trade unions have called for #BharatBandh today to protest the "anti-labour policies" of the BJP government.
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— NDTV (@ndtv) January 8, 2020
-उत्तर बंगाल के कुछ इलाकों में तृणमूल कांग्रेस ने हड़ताल का विरोध करते हुए रैलियां निकालीं और लोगों से सामान्य स्थिति बनाए रखने का आग्रह किया।
-कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ का समर्थन करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) को कमजोर करने का आरोप लगाया।
Social Democratic Party of India (SDPI) has announced its support to the Bharat Bandh Call given by various trade unions across the country to protest against the anti-labour policies, rampant price hike of daily life commodities and other acts framed by the BJP led Central Govt. pic.twitter.com/7FX6bcTvJV
— SDPI Karnataka (@sdpikarnataka) January 7, 2020
महाराष्ट्र में शिवसेना ने बुधवार को ट्रेड यूनियनों के ‘भारत बंद’ के आह्वान को समर्थन दिया और अपनी नीतियों और फैसलों के लिए केंद्र सरकार को फटकार लगाई।
जागरण शिव कॉम पर छपी खबर के अनुसार, शिसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा कि भाजपा सरकार के पहले शासन के दौरान, उद्योग और श्रमिक वर्ग उनके विमुद्रीकरण और माल और सेवा कर (जीएसटी) के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि राज्य सरकार भारत बंद की विभिन्न ट्रेड यूनियनों का समर्थन करती है, केंद्र सरकार एक श्रमिक विरोधी सरकार है।
देश के सभी 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा भारत सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में संगठित होने के साथ-साथ सभी 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए ‘भारत बंद’ के कारण कई स्थानों पर परिवहन और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
Jadavpur University students in support of #BharatBandh #MazdoorKisanStrikepic.twitter.com/FCEsWf4OQQ
— CPIM West Bengal Supporters (@CpimWBS) January 8, 2020
सीटू, इंटक सहित दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मांग के 12 सूत्रीय चार्टर के साथ हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) हड़ताल में हिस्सा नहीं लेगा।
LIVE | Incidents of violence and arson were reported from various parts of West Bengal with buses, a police vehicle and government properties being vandalised by strikers.
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— The Quint (@TheQuint) January 8, 2020
संपादकीय में कहा गया है कि लोगों को उम्मीद थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन ‘मौजूदा सरकार को बने छह महीने बीत चुके हैं लेकिन न तो उद्योगों में कोई सुधार हुआ है और न ही मजदूरों की हालत में।’



















