आह जन्नतुल बक़ी- हम सब गिरया कुना है , हम अपनी आँखों से जन्नतुल बक़ी की तामीर और उसकी ज़ियारत के तलबगार है | या इमाम जल्द आइये और इन शरपसंद हुकूमत को वासीले जहन्नम करके जन्नतुल बक़ी की संगे बुनियाद रखिए | मौला हर सिम्त से शियान हैदर पर हमला हो रहा है |
हम हर साल बरसी का ग़म ही मनाते है. आइये आपको हम हिन्द लेकर चलते है वहा देखिए किस तरह से वक़्फ़ हुसैनिया लुट रहा है बर्बाद हो रहा है, यहाँ वक़्फ़े हुसैनिया को लूटने वाले आले सऊद या आले यहूद नहीं है वरन शियत का लबादा पहने शायद इनकी ही क़ौम ओ क़बीले के लोग है |जो मौला के नाम पे एक ईंट की संगे बुनियाद रखने के बजाए वक़्फ़ की ज़मीन को बर्बाद कर रहे है, अपनी तिजोरया भर रहे रहे है आइये हम सब मिल कर ज़ेहरा के लाल वक़्फ़ हुसैनिया की हिफाज़त करने के लिए इन मलऊन भ्र्ष्टाचारी व्यक्तियोँ के ख़िलाफ़ भी एहतेजाज बुलंद करें.

8 शव्वाल आज ही के दिन आले सऊद शासन के हाथों पवित्र मदीना में स्थित ऐतिहासिक क़ब्रिस्तान जन्नतुल बक़ी शहीद हुआ था।
इस्लामी कैलेंडर के शव्वाल महीने की 8 तारीख़ को जन्नतुल बक़ी की शहादत की बरसी पूरी दुनिया में मनाई जाती है। इस अवसर पर भारत की राजधानी दिल्ली में विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके दौरान लोगों ने जन्नतुल बक़ी के पुनर्निर्माण की मांग दोहरायी। शिया-सुन्नी फ़्रंट की ओर से दिल्ली के जंतर मंतर पर इस प्रदर्शन का आयोजन कराया गया जिसमें शिया-सुन्नी धर्मगुरुओं, शायरों, बड़ी संख्या में मुसलमानों सहित दूसरे धर्मों के लोग भी शामिल हुए और जन्नतुल बक़ी की शहादत की निंदा की और इसके पुनर्निर्माण की मांग दोहरायी।
प्रदर्शन में भाषणकर्ताओं ने दुनिया में फैलते आतंकवाद के लिए यहूद और आले सऊद सहित अमरीका को ज़िम्मेदार बताया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भारत सरकार से जन्नतुल बक़ी के पुनर्निर्माण के लिए अपने प्रभाव के इस्तेमाल की मांग की। इस अवसर पर सऊदी अरब के दूतावास को एक ज्ञापन भी सौंपा गया जिसमें जन्नतुल बक़ी के जल्द से जल्द फिर से निर्माण की मांग की गयी है।
दूसरी ओर भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी विभिन्न शिया संगठनों की ओर से जन्नतुल बक़ी की शहादत की बरसी पर प्रदर्शन हुआ।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जन्नतुल बक़ी की शहादत की निंदा करते हुए, इस ऐतिहासिक क़ब्रिस्तान के पुनर्निर्माण की मांग की। लखनऊ के शहीद स्मारक पर सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर प्रदर्शनकारियों ने आले सऊद, अमेरिका और ज़ायोनी शासन के विरुद्ध नारेबाज़ी की। इस अवसर पर वक्ताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबंधित करते हुए कहा कि आज दुनिया में जहां भी इंसानियत पर अत्याचार हो रहा है उसमें अमेरिका, सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन का हाथ है।























