ख़ानदान इ इज्तिहाद की बुज़ुर्ग शख्सियत जनाब अब्बास अख्तर नक़वी का आज सुबह उनके मकान जौहरी मोहल्ले में इंतेक़ाल हो गया . अब्बास अख्तर नक़वी साहब जनाब इ ग़ुफ़रान मआब के बड़े बेटे मरजा इ तक़लीद सुल्तान उल ओलेमा जनाब सय्यद मोहम्मद साहब की अवलाद में से थे /
मरहूम साहिब इ क़लम और एक अरसे तक संडे आग में अपने दिलचस्प मज़ामीन सिपुर्द इ क़लम करते रहे. उन्होने एक अरसे तक एक दिलचस्प मैगज़ीन “एक्स रे” निकाली मगर रेलवे में एक बड़े अफसर की हैसियत से तैनाती के बाद गोरखपुर चले गये थे .जहाँ उन्होने चालीस साल से ज़्यादा गुज़ारे. रेटायर्मेंट के बाद वह वतन अज़ीज़ लखनऊ वापस आये और यहाँ उन्होने लिखने पढ़ने का काम शुरू किया.
अब्बास अख्तर नक़वी साहब इन्तेहाई क्रिएटिव थे ,ना सिर्फ़ क़लम की जादू गरी दिखाई बल्के ब्रश और स्केच से भी अपने शाहकार का मुज़ाहेरा किया / अब्बास अख्तर नक़वी साहब के पसमिंदगान मे उनकी तीन बेटियां हैं



















