उनहोंने कहा कि खास बात यह है कि जो सीडी 2007 में कोर्ट में जमा की गई थी, वह आज भी सीजेएम कोर्ट के रेकॉर्ड में मौजूद है। इसलिए अगर वह कोर्ट के रिकॉर्ड में मौजूद थी तो उन्होंने लैब में भेजकर क्या जांच कर लिया। जबकि वह रिकॉर्ड कोर्ट में खोली गई और पाया कि वह सीडी आज भी मौजूद है।
उनहोंने कहा कि अगर इस नजरिए से देखा जाये तो हाई कोर्ट का यह फैसला खुली तौर पर गैर कानूनी और अफसोसजनक है, इसलिए हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं।



















