संप्रग सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और कांग्रेस अध्यक्ष के दामाद रॉर्बट वाड्रा का नाम लिये बिना उन पर चुटकी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में भ्रष्टाचार के चलन की निंदा की और दावा किया कि उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है। अपने ऊपर कोई आरोप नहीं लगने को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वह जियेंगे तो देश के लिए, मरेंगे तो देश के लिए। सैन जोस के सैप सेंट में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान भ्रष्टाचार से देश को निराशा हुई और नाराजगी पैदा हुई।
भ्रष्टाचार से निपटने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में राजनेताओं पर कुछ ही समय में आरोप लग जाते हैं। हमने किसी नेता के 50 करोड़ रूपये बनाने, किसी के बेटे के 100 करोड़ बनाने, किसी की बेटी के 250 करोड़ रूपये बनाने, किसी के दामाद के 1000 करोड़ रूपये बनाने की बात सुनी है। मोदी ने कहा कि जब यह सुनने को मिलता है तो क्या देश को निराशा नहीं होती है ? लोगों में भ्रष्टाचार के प्रति नफरत पैदा होती है। ”मैं आप आपके बीच खड़ा हूं.. मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं है, एक भी आरोप नहीं है। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जियेंगे तो देश के लिए, मरेंगे तो देश के लिए।’’
अपने वायदों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”मोबाइल के कारण आपको हर चीज का पता होता है। हिन्दुस्तान में क्या हो रहा है, सब जानकारी होती है। मोदी क्या कहता था और मोदी ने क्या किया, सब मालूम है।’’ उन्होंने कहा, ”मैंने कहा था कि मैं परिश्रम करने में कोई कमी नहीं रखूंगा, सवा सौ करोड़ देशवासियों ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरा करने के लिए पल पल और शरीर का कण कण शत प्रतिशत लगा दूंगा। आज 16 महीने के बाद मुझे आपका प्रमाणपत्र चाहिए।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने जो वादा किया था, उसे निभाया। परिश्रम की पराकाष्ठा की। आपने जो जिम्मेदारी दी, उसका पूरी तरह से पालन कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म होना चाहिए, इसके लिए प्रयास लगातार जारी है और इसके बारे में बोलकर बतायें तभी काम होगा क्या ? काम चुपचाप भी हो सकता है।
















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