फ़्रांस प्रेस को साक्षात्कार देते हुए मुहम्मद अलजुन्दी ने कहा कि हम केवल इतना चाहते हैं कि हमें अपनी क्षमता के प्रदर्शन का मौक़ा मिले और हमारे साथ आम इंसानों जैसा बर्ताव किया जाए, मैं यह कहना चाहता हूं कि हम भी आप जैसे इंसान हैं और इसी दुनिया में रह रहे हैं जिस दुनिया में आप बसते हैं।
थामसन रायटर्ज़ संस्था से बातचीत में मुहम्मद अलजुन्दी ने कहा कि हमने जो कुछ किया वह केवल शिक्षा नहीं है बल्कि शरणार्थी किशोरों को अभिव्यक्ति का मौक़ा उपलब्ध कराना है, इन बच्चों को शिक्षा देना बहुत ज़रूरी है वरना यह पीढ़ी गुम होकर रह जाएगी।


















