वॉशिंगटन: स्पेसएक्स का अत्याधुनिक स्टारशिप रॉकेट अपनी पहली सफल ऑर्बिटल उड़ान के बाद पृथ्वी पर लौटते समय प्रशांत महासागर में दुर्घटनाग्रस्त होकर नष्ट हो गया।
इस घटना की पुष्टि करते हुए कंपनी ने इसे एक महत्वपूर्ण प्रायोगिक उपलब्धि बताया।
इस अहम मिशन के दौरान रॉकेट सफलतापूर्वक ऑर्बिट तक पहुँचा; हालाँकि, चिली के पास समुद्र की ओर नीचे आते समय दुर्घटना हुई। स्पेसएक्स के अधिकारियों ने बताया कि वापसी के चरण के दौरान रॉकेट के मुख्य इंजनों में खराबी आ गई थी।
घटना के विवरण के अनुसार, उड़ान के महत्वपूर्ण चरणों के दौरान स्टारशिप के तीन मुख्य इंजनों में से एक अचानक काम करना बंद कर गया। कंपनी द्वारा जारी फुटेज में लॉन्च और ऑर्बिट तक की यात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
यह स्टारशिप की 14वीं टेस्ट फ़्लाइट थी, जिसे मानव अंतरिक्ष यात्रा के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण वाहन माना जाता है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य भविष्य में चंद्रमा और मंगल जैसे दूर के स्थानों तक मनुष्यों को सुरक्षित रूप से पहुँचाने के लिए एक विश्वसनीय प्रणाली विकसित करना है।
स्पेसएक्स द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह प्रयोग परियोजना के समग्र लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान देगा। पिछली टेस्ट फ़्लाइट्स मुख्य रूप से हिंद महासागर तक पहुँचने के बाद विफल हो गई थीं, और कुछ रॉकेट हवा में ही टूट गए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष अन्वेषण में इस तरह की असफलताएँ अक्सर सफलता की सीढ़ी बनती हैं। स्पेसएक्स अब इस घटना से प्राप्त डेटा के आधार पर तकनीकी खामियों को दूर करने और भविष्य के मिशनों की सुरक्षा को बेहतर बनाने की तैयारी कर रहा है।
स्टारशिप को एक ऐसे पुनः प्रयोज्य (रीयूजेबल) अंतरिक्ष यान के रूप में डिज़ाइन किया गया है जो अंतरिक्ष में भारी पेलोड और यात्रियों को ले जाने में सक्षम है। इस परियोजना की सफलता से अंतरिक्ष उद्योग में एक नए युग की शुरुआत होने की उम्मीद है।

















