अली हसनैन आब्दी फ़ैज़
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ने कहा है कि सऊदी अरब में पाकिस्तान के सैनिकों की उपस्थिति इस अर्थ में नहीं है कि उनका देश यमन युद्ध में शामिल होगा।

अनुसार पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख़ुर्रम दस्तगीर ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान के सैनिकों को सऊदी अरब भेजने का उद्देश्य, सऊदी सैनिकों को सैन्य प्रशिक्षण देना है। ज्ञात रहे कि पाकिस्तान आतंकियों के गुरु की भूमिका निभाता है और भारत के विरुद्ध आतंकी हमलों में पाकिस्तान की भूमिका खुलकर सामने आती रही है पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने आगे कहा कहा कि इस समय सऊदी अरब में पाकिस्तान के 1600 सैनिक मौजूद हैं।
दस्तगीर ख़ान ने कहा कि सऊदी अरब के लिए अन्य पाकिस्तानी सैनिकों को भेजने का फैसला प्रधानमंत्री की सहमति से होगा।
पाकिस्तान की संसद में उपस्थिति इस देश के रक्षामंत्री ने पाकिस्तान के सांसदों से मांग की है कि वे इस बारे में सवाल न करें कि पाकिस्तान के सैनिकों को सऊदी अरब के किस क्षेत्र में और कहां भेजा गया है क्योंकि सुरक्षा कारणों से वे इस बारे में विस्तार से नहीं बता सकते।
ज्ञात रहे कि तीन साल पहले जब सऊदी अरब ने यमन पर हमला आरंभ किया था तो रेयाज़ ने इस्लामाबाद से इस हमले में भागीदारी की मांग की थी किंतु पाकिस्तान की संसद ने एक बयान जारी करके यमन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की सैन्य कार्यवाही में भाग लेने से इन्कार कर दिया था।
साथ ही ध्यान देने योग्य बात है कि पाकिस्तान खुद भी कई बार भारत से युद्ध हार चुका है और आज वह सऊदी अरब जैसे देश को रणक्षेत्र में टिके रहने की नीति सिखाने के लिए सऊदी अरब में मौजूद है।
















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


