नई दिल्ली | 24 April 2022 | दिल्ली के जहांगीर पुरी इलाके में दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन नाबालिगों में से एक का पुलिस बोन टेस्ट इलाके । पुलिस ने आरोपी को 17 अप्रैल को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक उसकी उम्र 21 साल है लेकिन उसका परिवार हाईकोर्ट पहुंचा और वहां से उसके परिवार ने एक सर्टिफिकेट जमा किया जिसमें उसे नाबालिग दिखाया गया.
उच्च न्यायालय द्वारा पुलिस को जारी एक तत्काल आदेश के बाद, दिल्ली पुलिस ने आरोपी को नाबालिग माना और उसे किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया।
हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें लगता है कि इसमें कुछ गड़बड़ है, इसलिए पुलिस आरोपी के बोन टेस्ट के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. इतना ही नहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक नाबालिग के परिवार द्वारा कोर्ट में पेश किए गए सर्टिफिकेट की भी जांच की जाएगी ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके.
दरअसल, यह एक वैज्ञानिक परीक्षण है, जिससे आरोपी की सही उम्र का पता चलेगा। यह स्पष्ट होगा कि वह नाबालिग है या नाबालिग नहीं । अगर आरोपी के परिवार का तर्क गलत निकला तो पुलिस भी इस दस्तावेज की जांच कानून के तहत करवाएगी । हालांकि जांच में अगर उसकी उम्र सही पाई गई तो पुलिस को उसे कानून के तहत मामूली आरोप मानना होगा।
गौरतलब है कि शनिवार शाम दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती जुलूस के नाम पर हिंसा का नँगा नाच हुवा और आगजनी व गोली चलने की घटनाएं भी हुई थीं. ये घटना राजधानी दिल्ली में जहांगीर पुरी ilaqe के कशल सिनेमा के पास हुई। बदमाशों ने कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। जबकि कई वाहनों में आग लगा दी गई थी, हिंसा में आठ पुलिसकर्मियों और एक नागरिक सहित कुल नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

















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