क्या है गोरक्षा के लिए लगने वाला गुंडा एक्ट
‘गोहत्या के लिए आजीवन कारावास होना चाहिए’
पहले से आरोपियों पर मुकदमे
एसपी का कहना था कि दोनों अभियुक्त गणेश प्रसाद दीक्षित के पड़ोसी ही हैं और उसी समुदाय के हैं.
उनके मुताबिक़, “दोनों अभियुक्तों को जब गिरफ़्तार किया गया तो वो नशे में थे. दोनों ही आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और इनके ख़िलाफ़ पहले से ही कई मुक़दमे चल रहे हैं. दोनों जेल भी जा चुके हैं.”
उमेश कुमार सिंह का कहना था कि यदि अभियुक्तों को जल्दी ही गिरफ़्तार न कर लिया गया होता तो स्थिति किसी बड़े सांप्रदायिक विवाद का रूप ले सकती थी.
















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