इसके साथ सचिन पायलट उप मुख्यमंत्री होंगे.” उन्होंने कहा, ‘‘अनुभवी और ऊर्जावान नेतृत्व एक साथ आ रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष इसमें विश्वास करते हैं. यह नेतृत्व पार्टी को मजबूत करेगा और राजस्थान के लोगों की अकांक्षाओं को पूरा करेगा.”
सचिन पायलट ने पहली बार 14वीं लोकसभा में दौसा से जीत हासिल की थी। तब वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, उस वक्त सचिन की उम्र मात्र 26 वर्ष थी, इसके बाद वह 2009 में अजमेर से लोकसभा सांसद चुने गए और इस बार टोंक से विधायक चुने गए हैं।
इस बार उन्होंने बीजेपी के एकमात्र मुस्लिम कैंडिडेट युनूस खान को 54,179 वोटों के भारी अंतर से हराया है। सचिन पायलट पिछले 5 साल से राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पद पर काबिज हैं।
राजस्थान में वसुंधरा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का श्रेय उन्हें ही जाता है। उनके नेतृत्व में ही पार्टी को पिछले चुनाव में 21 से इस बार 99 सीटें मिली है। सचिन पायलट पार्टी के युवा चेहरे हैं और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी भी हैं। सचिन पायलट के नेतृत्व में पांच साल में जितने भी चुनाव और उपचुनाव हुए सभी कांग्रेस ने जीते।
















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