नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी पर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रशांत कनौजिया को तुरंत रिहा करने का आदेश किया। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से यह सवाल भी किया कि ट्वीट के लिए गिरफ्तारी की आवश्यकता क्या थी?

प्रशांत को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और एक बदनाम करने वाला वीडियो शेयर करने के कारण उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
Rights under Articles 19, 21 non-negotiable, Supreme Court grants bail to Prashant Kanojia@PJkanojia @myogiadityanath@Uppolice #PrashantKanojia#PrashantKanojiyaArrest https://t.co/G960gcIzSW
— Bar and Bench (@barandbench) June 11, 2019
At 9.30 on #DemocracyLive on @NewsHtn – Arrests in U. P over an online video. We debate response of the Adityanath government and #PrashantKanojiyaArrest with @VinodSharmaView @shantanug_ @manuvichar Jaagishi Arora (Prashants wife) and Amit Puri (BJP). pic.twitter.com/T1RFdLMACr
— barkha dutt (@BDUTT) June 10, 2019
न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की अवकाश पीठ ने सोमवार को एक वकील के इस प्रतिवेदन का संज्ञान लिया कि गिरफ्तार किए पत्रकार की पत्नी की याचिका पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है क्योंकि यह गिरफ्तारी ‘अवैध’ और ‘असंवैधानिक’ है। पत्रकार की पत्नी जिगीशा अरोरा ने कनौजिया की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है।
पत्रकारों की गिरफ़्तारी लोकतांत्रिक ढाँचे को ध्वस्त करने की दिशा में एक कदम है। यह तो पहले ही पता था कि सत्ताधीश चाहते हैं टीवी और अख़बार वही बयां करें जिससे उन्हें लाभ हो और अब सोशल मीडिया की स्वतंत्रता भी छीनी जा रही है। इस मुश्किल घड़ी में हम लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 11, 2019
कनोजिया को लखनऊ पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। लखनऊ पुलिस ने प्रशांत को शनिवार को गिरफ्तार किया था।
#PrashantKanojiyaArrest The #Parliament must enact a comprehensive law to regulate print , electronic and digital media to defend freedom of expression as well as hear complaints against it. Press Council is not sufficient and self regulation is a farce.
— Ram Dutt Tripathi (@Ramdutttripathi) June 11, 2019
















/odishatv/media/media_files/2026/04/19/billionaire-entrepreneur-2026-04-19-23-55-02.jpg)


