मायावती ने आज स्पष्ट किया की अखिलेश यादव को परिवार की तरह मानती हूं ।मगर उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी अपनी दम ख़म पर चुनाव लड़ेगी
अखिलेश और डिम्पल यादव मुझे अपना आदर्श मानते है। मैने भी यादव परिवार को पूरा सम्मान दिया।

हमारे रिश्ते कभी खत्म नही होंगे लेकिन राजनैतिक मजबूरियों को नजरअंदाज नही कर सकते। चुनाव परिणामो में सपा का बेस वोट बैंक यादव बाहुल्य इलाको में भी सपा के साथ नही टिका, यादवों ने भितरघात किया। यादव परिवार के लोगो का हारना बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करता है। बसपा के वोटबैंक का इनके साथ आना और उसके बाद भी सपा के लोगो को हारना यह सोचने की बात है।
कल हुई बैठक में चुनाव परिणामो की समीक्षा हुई, सपा के लोगो मे बहुत सुधार लाने की जरूरत है। सपा के लोगो ने एक बड़ा मौका इस चुनाव में गवा दिया।
परमानेंट ब्रेक नही लिया है, अगर सपा प्रमुख अपने कार्यकर्ताओ को सुधार ले आते है तो आगे साथ चल सकते है अगर सुधार नही ला पाते तो अलग ही चलेंगे।
अखिलेश से है हमारा रिश्ता कभी नही खत्म होने वाला है सपा से भितरघात हुआ अभी परमानेंट ब्रेक नही लगा है । अगर अखिलेश अपने लोगों को मिशनरी की तरह डालते हैं तो हमारा राजनीतिक विस्ता आगे बना रहेगा वरना हमें अकेले जाने पर सोचना पड़ेग ।
मायावती ने अभी अभी सपा बसपा गठबंधन पर अधिकृत बयान देते हुए साफ किया है उत्तर प्रदेश में जल्द होने वाले विधानसभा के उपचुनाव बसपा अकेले लड़ेगी । उन्होंने कहा है कि समाजवादी पार्टी को अभी अपना कैडर और बेस कोट मजबूत करने की जरूरत है ।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को अभी अपने कुछ नेताओं में सुधार करने की जरूरत है । मायावती ने यह भी कहा है कि बदायूं और कन्नौज जैसी सीटों पर जहां अखिलेश यादव के परिजन चुनाव लड़ रहे थे वहां भी उन्हें यादवों के पूरे वोट नहीं मिले हैं ।
ऐसे में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवारों को कितने मिले होंगे समझने की बात है। मायावती ने कहां है कि अगर उन्हें लगा कि अखिलेश यादव ने अपने नेताओं और समर्थकों को ठीक कर लिया है तो गठबंधन आगे जारी रह सकता ह।


















