न्होंने कहा कि बहुत से रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार की सेना और वहां के चरमपंथी बौद्धों की हिंसा व यातना का सामना करना पड़ा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय और चिकित्सा विभाग की एक टीम रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति की समीक्षा और उन्हें सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से ढ़ाका पहुंची है।
पिछले मंगलवार को भी रोहिंग्या मुसलमानों की सहायता के लिए इस्लामी गणतंत्र ईरान की मानवता प्रेमी सहायताओं की तीसरी खेप बांग्लादेश पहुंची। अब तक म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों की सहायता के लिए ईरान 130 टन ज़रूरी सामान बांग्लादेश भेज चुका है।
















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