यह मुफ़्ती सीरिया युद्ध के दौरान चरमपंथी संगठनों के लिए लड़ाकों की भर्ती में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे और सऊदी प्रशासन की ओर से उन्हें खुली छूट ही नहीं समर्थन भी प्राप्त थी लेकिन क़तर के साथ सऊदी अरब का संकट उत्पन्न हो जाने के बाद इन मुफ़तियां पर गाज गिरी हैं क्योंकि उन्हें क़तर सऊदी अरब विवाद में निष्पक्ष या क़तर का पक्षधर ठहराया गया है।
सऊदी अरब चाहता है कि यह मुफ़्ती इस विवाद में सऊदी अरब का खुलकर साथ दें लेकिन इन मुफ़्तियों के साथ समस्या यह है कि उन्हें लंबे समय से क़तर से भी आर्थिक सहायता मिलती रही है और कुछ को क़तर ने नागरिकता भी दी थी।



















