नयी दिल्ली। निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के चार दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता की दया याचिका को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने खारिज कर दिया है। दक्षिण दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को एक चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा ‘निर्भया’ से सामूहिक बलात्कार और उसपर बर्बर हमला हुआ था।

निर्भया की 29 दिसंबर को उसी साल सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मृत्युदंड पाए चारों दोषियों की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। दोषियों को 3 मार्च को फांसी दी जानी थी।
Seema Khushwaha,Lawyer of Nirbhaya's parents: We are moving a fresh application in Delhi court to fix a fresh date for the execution of the four convicts. All the convicts have exhausted their complete rights. The date which will be fixed now will be the final date.#NirbhayaCase pic.twitter.com/z5buMZg8jr
— NewsMobile (@NewsMobileIndia) March 4, 2020
मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता, राम सिंह और एक किशोर को इस मामले में दोषी पाया गया था। राष्ट्रपति मुकेश, विनय और अक्षय की दया याचिका अस्वीकार कर चुके हैं। राम सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी और किशोर को सजा पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया था।



















