कब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम में एक फ्रांसीसी नन पर हाल ही में हुआ हमला ईसाई समुदाय के लिए कोई नई घटना नहीं है, बल्कि इसे हिंसा के बढ़ते चक्र का एक हिस्सा बताया जा रहा है।

अरब मीडिया के अनुसार, इज़राइल में रहने वाले ईसाइयों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में उनके खिलाफ उत्पीड़न, हमले और अपमान की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं।
एक अरब मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, इस साल के पहले 3 महीनों में ईसाइयों के खिलाफ 31 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल 113 हमले दर्ज किए गए थे, जिनमें से ज़्यादातर हमलों में धार्मिक हस्तियों को निशाना बनाया गया था। थूकना, गाली-गलौज करना और पूजा स्थलों का अपमान करना जैसी घटनाएं अब रोज़मर्रा की बात होती जा रही हैं।
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अरब मीडिया के अनुसार, पीड़ितों का कहना है कि पुलिस पर भरोसा न होने के कारण कई घटनाओं की रिपोर्ट नहीं की जाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि इज़राइल में बढ़ता उग्रवाद और राष्ट्रवादी रुझान इस स्थिति का एक मुख्य कारण है, और इन घटनाओं में विशेष रूप से उग्रवादी धार्मिक और बसने वाले समूह शामिल हैं।














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