
पोस्टमार्टम डॉक्टर का बड़ा दावा
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. माइकल बैडेन ने कहा है कि एपस्टीन की मौत फांसी या आत्महत्या से नहीं हुई बल्कि गला दबाने (strangulation) से हुई प्रतीत होती है।
वे जो पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद थे, उन्होंने कहा कि गर्दन पर तीन अलग-अलग फ्रैक्चर (फ्रैक्चर) पाए गए — जिसमें हॉयड बोन (hyoid bone) और थायरॉयड कार्टिलेज शामिल हैं। इन प्रकार के फ्रैक्चर सामान्यत: आत्महत्या के लिए फांसी में नहीं देखे जाते हैं।
बैडेन का दावा है कि एक भी गर्दन फ्रैक्चर को हत्या की संभावना के रूप में जांचा जाना चाहिए, और तीन फ्रैक्चर तो काफी संदिग्ध हैं।
न्यूयॉर्क सिटी के मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय ने 2019 में कहा था कि एपस्टीन ने जेल में आत्महत्या की थी, फांसी लगाकर खुद को मार लिया था।
बैडेन का दावा:
बैडेन ने कहा कि उनके अनुभव में इतने गहरे और समानांतर फ्रैक्चर आत्महत्या के मामलों में बेहद दुर्लभ हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “मृत्यु का तरीका” शुरू में “लंबित (pending)” दिखाया गया था और पांच दिन बाद इसे अचानक आत्महत्या का रूप दे दिया गया। �
बैडेन का मानना है कि यह सब न्याय विभाग की नई जारी दस्तावेज़ों और सीसीटीवी फुटेज के साथ पुन: जांच का विषय होना चाहिए।
आगे क्या सवाल उठ रहे हैं?
कुछ मीडिया रिपोर्टों ने कहा है कि
सीसीटीवी फुटेज में एक “लापता मिनट” और “ऑरेंज फ्लैश” जैसी चीज़ें सामने आईं, जो कि मृतक की सेल के आसपास कुछ असामान्य गतिविधियों की ओर इशारा करती हैं।
न्याय विभाग और एफबीआई ने अभी तक कोई स्पष्ट सबूत नहीं बताया है कि एपस्टीन का कत्ल हुआ था।
डॉ. बैडेन का दावा: गर्दन फ्रैक्चर और अन्य सबूत हत्या (strangulation) की ओर संकेत करते हैं, न कि आत्महत्या की ओर।
आधिकारिक नजरिया: एपस्टीन की मौत आत्महत्या थी — लेकिन हाल के खुलासों और विशेषज्ञ के बयान से इस निष्कर्ष पर पुनर्विचार की मांग तेज़ हो गई है।
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