भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की प्रचंड जीत के बाद दो दिन पहले उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली थी।
केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, गुप्तचर ब्यूरो के प्रमुख राजीव जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने गृह मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में शाह का स्वागत किया।

गृह मंत्रालय के लिए दो नवनियुक्त राज्य मंत्रियों जी. के. रेड्डी और नित्यानंद राय ने भी शनिवार को कार्यभार संभाला।
राजनाथ सिंह ने आज यानी शनिवार को रक्षा मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है. कार्यभार संभालने से पहले राजनाथ सिंह शनिवार सुबह वॉर मेमोरियल पहुंचे जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर राजनाथ सिंह के साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे. भारत के नए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष ढेरों चुनौतियों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण चुनौती तीनों सेवाओं के आधुनिकीकरण के काम में तेजी लाना है.
उनके लिए अन्य बड़ी चुनौती चीन के साथ लगी सीमाओं पर शांति बनाए रखने की है. वह रक्षा मंत्री का पद्भार ऐसे समय संभाल रहे हैं जबकि भारत ने तीन महीने पहले पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविरों पर हवाई हमला किया और माना जा रहा है कि सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए भारत इसी नीति पर आगे भी चलेगा.
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि शाह आतंकवाद और अवैध प्रवास को कतई बर्दाश्त नहीं करने की राजग की नीति को प्राथमिकता देंगे।
नए गृहमंत्री का तात्कालिक कार्य जम्मू कश्मीर में स्थिति से निपटना होगा, जहां इस वक्त राष्ट्रपति शासन लगा है और उन्हें असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के प्रकाशन से उत्पन्न स्थिति से भी निपटना होगा।
भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को हाल में सम्पन्न लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिली है। भाजपा ने इस बार 542 सीटों में से 303 सीट जीती हैं। पार्टी अध्यक्ष के तौर पर शाह भाजपा की जीत के अहम रणनीतिकार रहे।



















