दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद गौतम गंभीर ने कपिल मिश्रा पर कार्रवाई करने की मांग की है. गौतम गंभीर ने कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह इंसान कौन है, चाहे वह कपिल मिश्रा हो या कोई भी, किसी भी पार्टी से संबंधित हो, अगर उसने कोई भड़काऊ भाषण दिया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

दरअसल, पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर आज भजनपुरा-मौजपुर हिंसक घटना में घायल डीसीपी अमित शर्मा का हालचाल पूछने के लिए पटपड़गंज मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे. जाफराबाद हिंसा में डीसीपी अमित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद सोमवार देर रात उनको मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल, अमित शर्मा की हालत गंभीर बनी हुई है.
Don't wait for the Govt,
Don't wait for the Police,
They are part of the problem.We must take out peace & unity march like this in each & every corner of East Delhi. Show them we are ONE. Hindu-Muslim Ekta Zindabad. Hindustan Zindabad! pic.twitter.com/ybPukUhaiG
— Salman Nizami (@SalmanNizami_) February 25, 2020
दो दिन से लगातार दिल्ली में हो रही हिंसा पर बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि नार्थ ईस्ट जिले में जो लोग हिंसा में शामिल हैं, चाहे वह कांग्रेस, आम आदमी पार्टी से लेकर किसी भी पार्टी में हो, उनके खिलाफ मुकदमा किया जाएगा. अगर कपिल मिश्रा का भी हाथ होगा तो उनके खिलाफ भी मुकदमा करेंगे.
The situation in North East Delhi is only getting worse. If @PMOIndia wants to restore peace, it is incumbent on you that Army takes over the area. Cops have abdicated their duty & are colluding with mobs. The only way to secure lives & limbs is to hand over the area to the army
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 25, 2020
दरअसल, 22 जनवरी को शाहीन बाग के बाद जाफराबाद और चांद बाग में रोड बंद किए जाने के खिलाफ सड़क पर उतरे कपिल मिश्रा ने धमकी दी थी किदिल्ली पुलिस तीन दिन के अंदर रास्तों को खाली कराए.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के बाद वापस जाने तक हम यहां से शांतिपूर्वक जा रहे हैं, लेकिन अगर तीन दिन में रास्ते खाली नहीं हुए, तो हम फिर सड़कों पर उतरेंगे. इसके बाद हम दिल्ली पुलिस की नहीं सुनेंगे. कपिल मिश्रा के बयान के बाद हिंसा भड़क उठी.
Think:
What’s common between Hashimpura/Bhiwandi/Nellie, Delhi’1984, Gujarat-2002 & N-E Delhi now..
Only institution functioned while the rest ducked: free media
Entirely thanks to young & fearless reporters/camera-persons..
At great physical risk to themselves..
— Shekhar Gupta (@ShekharGupta) February 25, 2020


















