नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन के नेता आयतुल्लाह शैख़ इब्राहीम ज़कज़की की हालत फिर बिगड़ गयी है।
लंदन स्थित इस्लामी मानवाधिकार आयोग ने यह बताते हुए कि शैख़ ज़कज़की का भारत में उचित इलाज नहीं हो पाया, कहा कि उनकी हालत बहुत ख़राब है।
प्रेस टीवी के अनुसार, लंदन के इस्लामी मानवाधिकार आयोग ने भारत में नाइजीरियाई सरकार की ओर से भेजे गए सुरक्षा तत्वों की मौजूदगी को शैख़ ज़कज़की का इलाज न हो पाने का मुख्य कारण बताया और कहा कि आयतुल्लाह ज़कज़की बहुत बीमार हैं, उन्हें तुरंत इलाज की ज़रूरत है।

ग़ौरतलब है कि शैख़ इब्राहीम ज़कज़की अपनी बीवी के साथ 12 अगस्त को इलाज के लिए भारत गए थे, लेकिन इलाज की प्रक्रिया से संतुष्ट न होने और सुरक्षा सीमित्ताएं लागू रहने की वजह से 15 अगस्त को स्वदेश लौट गए, जिसके बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा गया है।
शैख़ ज़कज़की और उनकी बीवी को 13 दिसंबर 2015 को ज़ारया शहर में स्थित इमामबाड़े पर नाइजीरियाई सैनिकों ने हमले के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था। जिस दिन उन्हें गिरफ़्तार किया गया उस दिन नाइजीरियाई सैनिकों ने ज़ारया शहर के इमामबाड़े में मौजूद सैकड़ों लोगों का जनसंहार किया, जिसमें शैख़ ज़कज़की के 3 बेटे भी शहीद हुए।
नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन के नेता के निकटवर्ती सूत्रों का कहना है कि शैख़ ज़कज़की की हालत ख़राब है इसलिए सरकार उन्हें जल्द से जल्द रिहा करे।
नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन ने हाल में बताया था कि शैख़ ज़कज़की को नाइजीरियाई सरकार ने जेल में ज़हर दिया था।
उधर मोहर्रम शुरु होते ही नाइजीरिया की पुलिस ने इस देश के इस्लामी आंदोलन के समर्थकों के ख़िलाफ़ हिंसक व्यवहार अपनाने का आदेश जारी किया है।
संवाददाता के अनुसार, शैख़ इब्राहीम ज़कज़की के कार्यालय ने शनिवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि नाइजीरिया की पुलिस ने पुलिस के जवानों को शैख़ ज़कज़की के समर्थकों को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया है।



















