भारत के महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद ज़िले में दो लोगों को कथित रूप से “जय श्रीराम” का नारा लगाने को मजबूर किया गया, जिसके बाद इलाक़े में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत में “राम” के नाम पर किए जा रहे अत्याचारों की घटनाओं में कमी आने का नाम ही नहीं ले रही है। महाराष्ट्र में पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना है जब हिन्दू धर्म के पवित्र भगवान “राम” के नाम पर कुछ कट्टरपंथी हिन्दू दूसरे धर्म के लोगों पर लगातार अत्याचार कर रहे हैं। इस बीच महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले में दो मुस्लिम युवकों को कथित रूप से जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए मजबूर किए जाने और उनकी पिटाई किए जाने की घटना सामने आई है। स्थानीय पुलिस ने सोमवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में शहर में यह दूसरी ऐसी घटना है। इस संबंध में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
इस मामले में औरंगाबाद के बेगमपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक शिकायत में कहा गया है कि जय श्रीराम बोलने पर मजबूर किया और विरोध करने पर पिटाई की गई. जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली और मामले की जांच की जा रही है. जय श्रीराम ना बोलने पर युवक की पिटाई की इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग पुलिस स्टेशन में जमा होने लगे तो उनसे शांति बरकरार रखने की अपील की गई.
गौरतलब है कि जय श्रीराम के नारे लगवाने के लिए पिटाई की खबरें देश के कई हिस्सों से पहले भी आ चुकी हैं. पुलिस की सख्ती के बावजूद इंसानियत को शर्मसार करने वाली ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. जिस तरह गणेश नाम के शख्स ने इमरान की जान बचाई, समाज में ऐसी ही सोच वाले लोगों की जरुरत है. गौरतलब है कि मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर सियासत चरम पर है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी घटनाएं कब और कैसे रुकेंगी.
स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि, एक खाना ऑर्डर करने वाले ऐप “जोमैटो” के लिए काम करने वाले शेख़ आमिर (24) और उसका दोस्त शेख़ नासिर (26) रविवार को औरंगाबाद शहर के आज़ाद चौक पर ऑटो का इंतज़ार कर रहे थे, उसी समय चार-पांच लोग कार से आए और दोनों से झगड़ा शुरू कर दिया। उन्हें उनके धार्मिक पहचान को लेकर गालियां दीं और ‘जय श्रीराम’ नहीं बोलने पर जमकर पिटाई की तथा जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों ने डर की वजह से ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया, बाद में कुछ राहगीरों को आते देख कार सवार वहां से भाग खड़े हुए। आमिर और नासिर ने घटना की शिकायत पुलिस से की है।
पीड़ित युवकों में से एक शेख़ आमिर ने बताया है कि घटना औरंगाबाद के आज़ाद चौक पर रविवार देर रात को हुई। उस समय दोनों युवक काम से वापस जा रहे थे। आमिर ने बताया कि बीच में कार पर सवार कुछ लोगों उनका और उनके दोस्त का रास्ता रोक लिया। इन लोगों ने दोनों से ‘जय श्री राम’ बोलने को कहा। जब युवकों ने इनकार कर दिया तो वे पीटने और धमकाने लगे। समचार पत्र जनसत्ता के मुताबिक़ घटना के दो दिन बाद पुलिस ने चार इंजीनियरिंग छात्रों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में क़ैद हो गई थी, जिसके बाद फुटेज खंगाले गए और आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया। औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त चिरंजीव प्रसाद ने कहा, ‘आरोपियों के ख़िलाफ़ कड़ी कर्रवाई की जाएगी।’
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 19 जुलाई को ऐसी ही एक घटना औरंगाबाद ज़िले में ही घटित हुई थी। औरंगाबाद शहर के बेगमपुरा इलाक़े के एक होटल में काम करने वाले इमरान इस्माइल पटेल से क़रीब 10 बदमाशों ने उनकी बाइक रोक कर, उसकी चाबी छीनकर उनसे ‘जय श्री राम’ बोलने को कहा था। इस मामले में पुलिस ने दस अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153-ए और 144 के तहत मामला दर्ज किया था।