ईरान के लोगों ने विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर भव्य रैलियां निकाल कर फ़िलिस्तीनी राष्ट्र से अपनी समरसता जताई और अतिग्रहणकारी ज़ायोनीा शासन के अपराधों की निंदा की है।
ईरानी जनता ने पवित्र रमज़ान महीने के अंतिम शुक्रवार को क़ुद्स दिवस के अवसर पर निकाली गई अपनी रैलियों में साम्राज्यवाद, ज़ायोनियों और डील आॅफ़ द सेंचुरी की अमरीकी चाल की निंदा की।
रैलियों ने भाग लेने वालों ने इसी तरह अमरीका मुर्दाबाद, इस्राईल मुर्दाबाद, आले सऊद और क्षेत्र के विश्वासघाती मुर्दाबाद और बैतुल मुक़द्दस व फ़िलिस्तीन की स्वतंत्रता के नारे लगाए और अमरीका को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी बताया। रैलियों में ईरान के सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया और ज़ायोनी शासन के मानवता विरोधी अपराधों की निंदा की। इन रैलियों की कवरेज के लिए चार हज़ार ईरानी और 250 विदेशी पत्रकार मौजूद थे।

रैलियों के समापन पर घोषणापत्र जारी किया गया। तेहरान में विश्व क़ुद्स दिवस की रैली के समापन पर जारी होने वाले घोषणापत्र में ज़ायोनी अतिग्रहणकारियों के चंगुल से फ़िलिस्तीन के अत्याचारग्रस्त व निहत्थे राष्ट्र की मुक्ति और ज़ायोनी शासन के अंत की कोशिश को इस्लामी जगत का लक्ष्य बताया है।

घोषणापत्र में कहा गया है कि ईरानी राष्ट्र प्रतिरोध के मोर्चे का समर्थन और इस्लामी देशों के ख़िलाफ़ अमरीकी राष्ट्रपति की निंदनीय साज़िशों से मुक़ाबला जारी रखेगा। तेहरान की क़ुद्स दिवस की रैली में भाग लेने वालों ने अमरीका के डील आॅफ़ द सेंचुरी नामक षड्यंत्र और कुछ रुढ़ीवादी अरब देशों की ओर से अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के साथ संबंध स्थापित करने की कोशिशों की भी कड़ी निंदा की है।



















