नई दिल्ली:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं उनके अनुषंगी संगठनों की आज से शुरू हो रही तीन दिवसीय समन्वय बैठक में शीर्ष केंद्रीय मंत्री और भाजपा के प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में उन विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है जिसका सामना केंद्र को करना पड़ रहा है। संघ की समन्वय बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू, रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एवं अन्य केंद्रीय मंत्रियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।
बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहेंगे। बैठक के दौरान वन रैंक, वन पेंशन (ओआरओपी) पर पूर्व सैनिकों की मांग, गुजरात में पाटिदार समुदाय का आरक्षण संबंधी आंदोलन, जनगणना के आंकड़े, संगठन विस्तार एवं अन्य समसामयिक विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। आरएसएस की समन्वय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विवादित भूमि विधेयक पर भाजपा और विपक्षी दल आमने सामने आ गए हैं और बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक में 93 मुख्य पदाधिकारी और 15 आनुषंगी संगठन ‘विचारों एवं नोट्स का आदान प्रदान करेंगे जो समसामयिक विषयों पर हो सकते हैं। बैठक के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी, सहसरकार्यवाह कृष्ण गोपाल समेत संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी देश और विदेश में अपने अपने प्रवासों के दौरान हुए अनुभवों को साझा करेंगे। इसमें भाजपा के शीर्ष नेता भी विचार रखेंगे। इस बार बैठक में शामिल होने वालों की संख्या लगभग दोगुनी है। ऐसी बैठक हर साल सितंबर और जनवरी में होती है।
















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