भारत के प्रधानमंत्री ने कहा है कि आतंकवाद को धर्म से अलग करना आवश्यक है।
नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा की बैठक अवसर पर शुक्रवार को जॉर्डन नरेश अब्दुल्लाह से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष आतंकी गुट आईएसआईएल सबसे बड़ी चुनौती है। दोनों नेताओं ने युवाओं को चरमपंथ से बचाने और कट्टरपंथी संदेशों पर रोक लगाने के तरीक़ों पर विचार किया। मुलाक़ात में मोदी ने कहा कि आतंकवाद को धर्म से अलग करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और आईएसआईएल जैसे गुटों के ख़तरे से निपटने के लिए वैश्विक कार्यवाही आवश्यक है।
भारत के प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर लंबे समय से लंबित एक व्यापक सम्मेलन के प्रस्ताव का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि विश्व समुदाय इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर एकमत हो कर बात करे और इस वैश्विक प्रस्ताव को स्वीकार करे। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में सुधार के बारे में भी विचार-विमर्श किया।



















