अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप के विवादित पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी, राष्ट्रपति को अक्षम बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कल ईरान के खिलाफ दिया गया भद्दा और धमकी भरा बयान न केवल वैश्विक स्तर पर हलचल मचाने वाला रहा है, बल्कि इसने अमेरिका के भीतर भी कड़ी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है, जहाँ कई महत्वपूर्ण नेताओं ने राष्ट्रपति के मानसिक संतुलन पर सवाल उठाए हैं।
अमेरिकी सीनेट में विपक्ष के नेता चक शूमर ने ट्रंप के बयान को एक बेकाबू पागल की बड़बड़ाहट करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सोशल मीडिया पर युद्ध अपराधों की धमकी दे रहे हैं और अपने सहयोगियों को भी दूर कर रहे हैं, जो अमेरिका की गरिमा के लिए हानिकारक है।
इसी तरह, सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने ट्रंप के बयान को “खतरनाक” और “मानसिक रूप से असंतुलित” बताया। उन्होंने कांग्रेस से तत्काल हस्तक्षेप करने और युद्ध को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले शुरू हुए इस युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और आगे और अधिक तबाही का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि वह कैबिनेट में होते, तो वे संविधान के 25वें संशोधन पर विचार करना शुरू कर देते; यह संशोधन राष्ट्रपति को उनके पद से हटाने का एक संवैधानिक मार्ग प्रदान करता है।
रिपब्लिकन नेता मार्जोरी टेलर ग्रीन, जिन्हें कभी ट्रंप का करीबी सहयोगी माना जाता था, अब खुलकर उनके विरोध में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप पागल हो गए हैं और उनकी नीतियां न केवल अमेरिकी लोगों के लिए, बल्कि दुनिया भर के निर्दोष लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर रही हैं। उनके अनुसार, अमेरिका और इज़राइल ने बिना किसी उचित कारण के युद्ध शुरू किया था और अब वे उसके दुष्परिणामों को भुगत रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता मेहदी तबातबाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान ‘होरमुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को तभी खोलेगा, जब युद्ध से हुई क्षति की भरपाई कर दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने ट्रंप की धमकियों को उनकी हताशा और गुस्से की अभिव्यक्ति करार दिया।




















