लंदन: BBC न्यूज़ के विश्लेषक जेरेमी बोवेन ने कहा है कि ईरानी शासन के कमज़ोर पड़ने का कोई सबूत नहीं है।
उन्होंने अपने विश्लेषण में कहा कि अमेरिकियों को उम्मीद थी कि जब युद्ध के पहले ही दिन सुप्रीम लीडर मारे जाएँगे, तो ईरान अपेक्षाकृत जल्दी ही कमज़ोर पड़ने लगेगा; लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरानी शासन कमज़ोर पड़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो मज़बूत नेतृत्व में विश्वास रखते हैं। शायद उन्हें लगा था कि अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद कुछ ऐसा ही होगा जैसा वेनेज़ुएला में हुआ था।
अगर ऐसा है, तो यह इस बात का संकेत है कि ईरानी शासन की संरचना में एक खतरनाक खामी है। ईरान का अमेरिका और इज़रायल के प्रति प्रतिरोध और नफ़रत का एक लंबा इतिहास रहा है।
इज़रायली अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि वे नए सुप्रीम लीडर, मोजतबा खामेनेई की हत्या करने की कोशिश करेंगे। हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उस हमले में उन्हें कोई चोट लगी हो, जिसमें उनके पिता, माँ, पत्नी, एक बहन और शायद उनके बेटे की भी जान चली गई थी।
यह हैरानी की बात है कि जहाँ एक तरफ तेहरान उनकी शख्सियत के इर्द-गिर्द एक ‘जादुई घेरा’ बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसने उनके बारे में कोई भी नई जानकारी सामने आने नहीं दी है।
खाड़ी क्षेत्र में इस बात को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है कि अमेरिकियों ने उन्हें कुछ भयानक करने के लिए पूरी तरह से आज़ाद छोड़ दिया है।
















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