लखनऊ: 06 मार्च उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के इशारे पर, लखनऊ प्रशासन ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ १९ दिसंबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के फोटो और पते के साथ होर्डिंग्स लगाए है।

गुरुवार देर रात शहर के विभिन्न स्थानों पर हुई होर्डिंग्स में मौलाना आसिफ अब्बास, सेवानिवृत्त IPS दारापुरी और कई अन्य लोग शामिल थे, जिनमें कांग्रेस नेता सदफ जाफर भी शामिल थे, जो 19 दिसंबर की हिंसा के आरोपी थे। जिले के जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक प्रकाश ने शुक्रवार को कहा कि लखनऊ जिला प्रशासन द्वारा हिंसा में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने के बाद, उनकी तस्वीरों और उनके नाम और पते शहर के कई स्थानों पर जमा किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे शहर में लगभग 100 होर्डिंग्स लगाए गए।
डीएम ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) नियम वन विरोध के दौरान हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस जारी किया गया है और अगर वे नुकसान वसूली में विफल रहे तो उनके स्वामित्व को जब्त किया जाएगा।

लखनऊ प्रशासन ने हिंसा के दौरान 1.55 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने ठाकर गंज क्षेत्र के 10 व्यक्तियों और कैसरबाग के 6 व्यक्तियों को 69 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया है। इसमें मौलाना सैफ अब्बास और प्रसिद्ध विद्वान और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक के बेटे कल्बे सिब्तैन नूरी पूर्व पुलिस अफसर एस आर दारापुरी,सोशल एक्टिविस्ट दीपक कबीर भी शामिल हैं।
अगर कोई व्यक्ति कानून को बंधक बनाकर, तोड़-फोड़ या आगजनी करेगा, जनता की संपत्ति को नष्ट करेगा तो सरकार ऐसी किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगी।
हाल ही में सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन्होंने आगजनी की थी उन्हीं से भरपाई की जाएगी: मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 1, 2020
जिन लोगों को बड़े बड़े होर्डिंग्स में दिखाया गया है उनमे से ज़्यादातर का कहना है के पुलिस साज़िश के तहत फँसा रही है हिंसा उन्होने नहीं की और न ही पुलिस कोई सुबूत पेश कर पा रही है.इस सिलसिले में मौलाना सैफ अब्बास और डॉक्टर कल्बे सिब्तैन नूरी ने १९ दिसंबर के दिन की वारदात का ज़िक्र एक वीडियो में किया है और क़ानूनी कार्रवाई की बात की है.
जनपद लखनऊ में विगत 19 दिसंबर 2019 को हुई हिंसा में शासकीय व निजी संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वाले व्यक्तियों से वसूली हेतु सूचना को होर्डिंग के माध्यम से सार्वजनिक किया गया।@CMOfficeUP @myogiadityanath @PMOIndia @UPGovt pic.twitter.com/8dPPWNTnP1
— DM Lucknow (@AdminLKO) March 5, 2020
इसी दौरान योगी मंत्रिमंडल के एक राज्य मंत्री मोहसिन रज़ा ने उन होरडिंगस के सामने खड़े होकर कुछ जज़्बाती संवाद भी बोल कर यह दर्शाने की कोशिश की है के तस्वीर वाले लोग देश के विरुद्ध हैं और अशांति फैलाने वाले हैं.
वक़्फ़ और अल्पसंख्यकों के राज्य मनंत्री नोहसीन रज़ा की इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया जा रहा है और उनके इस संवादों को अनावश्यक बताया है.
Lucknow police have put up hoardings in the city identifying 28 persons accused of damaging property during CAA protests and asked them to pay up ₹64 lakh or have their property seized. Is this even proper, since the matter, including the trial, is in court ? pic.twitter.com/a6zQrBcPL4
— Omar Rashid (@omar7rashid) March 5, 2020
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के उस बयान के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन ने रिकवरी नोटिस जारी करना शुरू किया था जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बदला लेने की अपील की थी। हिंसा में शामिल लोगों को मुआवजे की घोषणा की गई थी।
Sadaf Jafar is one of those whose name has been put on ‘property attachment’ hoardings across Lucknow by the @myogiadityanath govt . She was arrested by the @lkopolice in dec 19 while doing a FB live during #CAA violence and asking cops to act . Judge gave bail . Her reaction … pic.twitter.com/qUTvzX6czw
— Alok Pandey (@alok_pandey) March 6, 2020
पिछले 19 दिसंबर 19/20 को राज्य के विभिन्न हिस्सों में नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान अचानक हिंसा हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप पत्थरबाजी के साथ और गोलीबारी हुई थी। हिंसा में कई लोग मारे गए थे। एक पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल भी हो गए














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