धर्मेंद्र सिंह. जिला उज्जैन, मध्य प्रदेश. अनलिमिटेड गोलगप्पे बेचने के कारण आजकल सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. धर्मेंद्र 32 साल के हैं और उज्जैन के ही विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. 2018 में लगे उज्जैन कार्तिक मेले से इनका जियो गोलगप्पे का स्टॉल वायरल होना शुरू हुआ.

धर्मेंद्र उज्जैन के दशहरा मैदान और स्टेशन के नज़दीक सेल्फी पॉइंट पर 10 रूपए के 6 गोलगप्पे बेचते हैं. लेकिन इनके पास गोलगप्पे के कुछ अनलिमिटेड प्लांस भी हैं. 100 रुपए देकर आप तीन घंटे में जितना चाहें गोलगप्पे खा सकते हैं. एक और प्लान के तहत आप 2000 रुपए देकर महीने भर शाम 6-9 बजे के बीच अनलिमिटेड गोलगप्पे खा सकते हैं.
धर्मेंद्र बताते हैं कि अधिकतर लोग 30-35 से अधिक गोलगप्पे नहीं खाते. कुछ ही लोग 50 के पार पहुंच पाते हैं और 100 के पार तो गिने-चुने ही लोग पहुंचते हैं. यूथ में ज्यादा गोलगप्पे खाने को लेकर होड़ लगी रहती है. कई लोग पैसे वसूलने या फिर रेकॉर्ड बनाने के लालच में गोलगप्पे बर्बाद भी कर देते हैं.
Jio का ख़याल कब आया?
गोलगप्पे या पानी के बतासे का कारोबार धर्मेंद्र करीब आठ-नौ साल से कर रहे हैं. धर्मेंद्र अपने भाइयों के साथ मिलकर बिजनेस करते हैं. 2017 में इन्हें जियो के अनलिमिटेड प्लान से अनलिमिटेड गोलगप्पे का ख्याल आया और इन्होंने अपने कारोबार में बदलाव किए. धर्मेंद्र बताते हैं कि उज्जैन कार्तिक मेला 2018 से मेरा स्टॉल वायरल होना शुरू हुआ. सड़क किनारे गोलगप्पे बेचने वाले धर्मेंद्र ने बताया कि इस ऑफर से ग्राहक बढ़े हैं.
जब बेचनी पड़ी थी इंडिगो कार
धर्मेंद्र के पिता किसान थे. 2015 में इनका कारोबार ठीक-ठाक चल रहा था तो इन्होंने इंडिगो की कार खरीदी लेकिन अगले साल पिता की मौत हो गई. आर्थिक तंगी के कारण EMI नहीं चुका पा रहे थे और अंततः गाड़ी बेचनी पड़ी. अब धर्मेंद्र का बिजनेस फिर से रफ़्तार पकड़ रहा है और इन्होंने नया घर ले लिया है.
कभी बंद करना चाहते थे रेड़ी अब बढ़ाना चाहते हैं
2016 में आर्थिक तंगी के कारण धर्मेंद्र बुरे दौर से गुजर रहे थे. इस दौरान इन्होंने पूरी तरह से उम्मीद छोड़ दी थी. सोचा कि इस बिजनेस में कुछ नहीं रखा है और इस कारोबार को बंद करके अब कुछ नया करते हैं. इसी दौरान जियो का ख्याल आया था. अब बिजनेस बढ़ रहा है जिसे और बढ़ाना चाहते हैं.
मुकेश अंबानी हैं आदर्श
धर्मेंद्र, दिग्गज बिजनेसमैन मुकेश अंबानी को अपना आदर्श मानते हैं. धर्मेंद्र और उनके साथी जियो का इस्तेमाल करते हैं. ये बताते हैं कि अंबानी के कारण ही बिजनेस दोबारा रफ़्तार पकड़ रहा है. जियो नाम के इस्तेमाल को लेकर धर्मेंद्र बताते हैं- हम नाम का कोई गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं. यदि जियो को हमारे नाम से कभी कोई दिक्क्त होगी तो नाम बदलकर ‘पियो पानी बतासे’ कर देंगे.
बिजनेस बढ़ाने का है इरादा
धर्मेंद्र का इरादा बिजनेस बढ़ाने का है और उज्जैन के बाद इंदौर में स्थायी दुकान खोलने जा रहे हैं. मौजूदा वक्त में इंदौर में इनके अस्थायी स्टॉल हैं. धर्मेंद्र बताते हैं- फंड मिले तो बिजनेस को और बढ़ाना चाहता हूं.


















