लखनऊ के अधिवक्ता एवं विरासत संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सैय्यद मोहम्मद हैदर रिज़वी के सतत प्रयास रंग लाए हैं। जनपद सीतापुर के महमूदाबाद तहसील स्थित ऊँचगाँव में अवस्थित प्राचीन तुण्डारे बाबा मंदिर, जो वर्षों से उपेक्षा, अतिक्रमण, झाड़ियों और उपेक्षा का शिकार था, उसके संरक्षण की प्रक्रिया आज से प्रारम्भ हो गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त कर वैज्ञानिक साफ-सफाई एवं संरक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है।
उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार यह स्थल 1955-56 के उत्खनन में प्रकाश में आया था तथा इसके पुरातात्विक महत्व को देखते हुए एएसआई ने संरक्षण संबंधी कार्रवाई प्रारम्भ की है।
श्री रिज़वी ने बताया कि ख़ैराबाद, सीतापुर के मक्का दर्जी स्मारक के संरक्षण प्रयासों के दौरान उन्हें इस भूले-बिसरे स्मारक की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने लगातार पत्राचार, जनप्रतिनिधियों से संवाद एवं सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विषय को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाया। उनके अनुसार विरासत का संरक्षण केवल प्राचीन ईंटों और पत्थरों को बचाना नहीं, बल्कि हमारी साझा सांस्कृतिक स्मृतियों, इतिहास और सामाजिक सौहार्द को सुरक्षित रखना है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि तुण्डारे बाबा मंदिर का संरक्षण न केवल क्षेत्र की गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान देगा, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव, भाईचारे और साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ करेगा।



















